Thursday, February 26, 2009

Hi, कल यूं Hi T.V. सर्फिंग करते-करते MTV के एक कार्यक्रम पर रिमोट रुक गया| पता नही कौन सा था...बीच से देखने के कारण नाम नही पता चला| देखने से लग रहा था मनो दो सहेलिया बेडरूम में आराम से रजाई ओढ़ कर किसी विषय पर चर्चा कर रही है| बीच-बीच में कैप्शन आ रहा था-चाइल्ड आर्टिस्ट आर पेन-| कैप्शन कार्यक्रम के लिए ही था| लगा कुछ गंभीर सुनने को मिलेगा| पर एक-के-बाद एक T.V व फिल्मो के बाल कलाकारों का ज़िक्र आ रहा था| दोनों की बातो में उन बच्चो की प्रतिभा की तारीफ करना तो दूर, उनकी तकलीफों - मसलन उनकी पढ़ाई पर असर, उनका इस छोटी सी उमर में अत्यधिक तनावग्रस्त होना, और उसका उनके जीवन पर असर...आदि बातो का ज़िक्र भी कुछ इस अंदाज़ में हो रहा था मनो वे दोनों ज़बान से ही जूते मार रही हो...और फिर अचानक ही यह चर्चा उन दोनों की पसंद-नापसंद की ओर मुड गई | जिस बेहूदगी से वे हर बाल कलाकार के बारे में " I HATE HIM/ HER" बोल रही थी, देख कर आश्चर्य के साथ-साथ खेद भी हो रहा था| आख़िर कहाँ जा रही है आज की यह समझदार(???) युवा पीढी...| क्या अपने को अधिक-से-अधिक बदतमीज़, बदज़बान जताना ही आज का संस्कार हो गया है? MTV के ही रोडीज का ऑडिशन लेने वाले जुड़वाँ भाई हो या बिंदास पर आने वाला -दादागिरी-( जिनकी गर्व भरी पञ्च लाइन थी-THE MEANEST GAME SHOW) इन सारे कार्यक्रमों में संस्कारी परिवारों में वर्जित माँ-बहन rकी गालियों का खुला प्रयोग होता था| दादागिरी का थप्पड़-काण्ड तो न्यूज़ चैनल्स और इन्टरनेट पर बार-बार देखा-दिखाया गया| आखिर क्या जताना चाहते है aऐसे लोग? अपनी बीमार मानसिकता या अपने को सर्वश्रेष्ठ समझने का आत्म-मुग्ध दंभ...? आश्चर्य तो ऐसे कार्यक्रमों के प्रतिभागियों पर भी होता है| शार्टकट से पैसे और नाम के लिए इतना समझौता?कभी-कभी सोचती हूँ की शायद अपने माँ-बाप की डांट इन्हे बर्दाश्त न होती पर पराये की गालियाँ खाना इन्हे मंज़ूर है| कहाँ आज की पीढी का आत्मसम्मान...?


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3 comments

  1. ये पैसे की भूख , चमक और ह्सुअहारत पाने में इस तरह के व्यवहार को माडर्न होना कहते हैं ....अगर उनसे कुछ कहो तो सौ बातें उल्टा सुनायेंगे

    मेरी कलम -मेरी अभिव्यक्ति

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  2. कम उम्र में बड़ों जैसा बनने की चाहत........कुछ नया करने के चक्कर में दिग्भ्रमित करती है। अबोध मन और कच्ची सोच सही ग़लत का अन्तर समझ नहीं पाती। आधुनिक कहलाने के लिए सब करने को तैयार हो जाते हैं।

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  3. सच कहा आपने...

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